KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

हरेली त्यौहार

हरेली त्यौहार की महत्व का वर्णन कविता के माध्यम से किया गया है।

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हरेली त्यौहार

सावन की अमावस है वर्षा की बौछार,
लो आ गई जीवन में खुशियाँ अपार।
छ.ग.का प्रथम त्यौहार भरा है संस्कार,
खुशियाँ लेकर आई, हरेली त्यौहार।

पशु- हल औजारों की करें पुजा,
है श्रद्धा मन में कोई नहीं है दूजा।
लोग करते हैं सभी से सद्व्यवहार,
खुशियाँ लेकर आई, हरेली त्यौहार।

चारों दिशाओं में है छाई हरियाली,
सभी लोग व्यस्त हैं कोई नहीं खाली।
प्रकृति ने किया प्राणियों का उद्धार,
खुशियाँ लेकर आई, हरेली त्यौहार।

खुशबू की बौछार लेकर आई है पवन,
चहकते पशु पक्षी और खुश है चमन।
बच्चे खेले रस्सी दौड़ और नारियल फेंक,
प्रकृति है मंत्रमुग्ध प्राणियों के खुशी देख।
कोई दे बधाई और कोई दे उपहार,
खुशियाँ लेकर आई हरेली त्यौहार।

नई है मौसम – हवा नए है मित्र,
खेतों में है धान रोपा का चित्र।
छत्तीसगढ़ में लोक कला का ऐसा है योग,
हरेली त्यौहार में सभी करें गेड़ी का प्रयोग।
प्रकृति के उपहार को दो तुम संवार,
खुशियाँ लेकर आई, हरेली त्यौहार।

अकिल खान रायगढ़ जिला रायगढ़ (छ.ग.) पिन – 496440.

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