हिन्दी कविता: कारगिल विजय दिवस की गाथा

कारगिल विजय दिवस की गाथा;-
*सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) 493558

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कारगिल विजय दिवस की गाथा

फरवरी 1999 में हमने पाक से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था।
पर नापाक हरकत से उसने कारगिल पर कब्जा जमाया था।
तब भारतीय रणबांकुरों ने भारत का मान सम्मान बढ़ाया ।
ऑपरेशन विजय को अंजाम दे कारगिल पर तिरंगा लहराया था।1।


राष्ट्रीय रायफल के जवानों ने मोर्चा संभाला था।
अटल जी के साहस व नेतृत्व का धधका ज्वाला था।
बोफोर्स तोपों,मिग 27 व 29 से पाक के कई ठिकाने उड़ा डाले।
कारगिल में लड़ने वाला हर जवान वीर हिम्मतवाला था।2।


तोलोलिंग चोटी पर 2 जुलाई 99 को विजय फताका फहराया था।
5 जुलाई 99 को योगेंद्र के नेतृत्व में टाइगर हिल को कब्जाया था।
7 जुलाई 99 को मश्कोह घाटी में ऑपरेशन सफेद सागर कर डाला।
26 जुलाई 99 को विक्रम बत्रा ने प्वाइंट5140 पर तिरंगा लहराया था।3।


कारगिल के पहाड़ों पर हिन्द की सेना ने पराक्रम दिखाया था।
3 मई 1999 को पाक ने कारगिल पर नापाक हरकत दिखाया था।
26 मई 99 को “ऑपरेशन विजय” के साथ आगे बढ़ा भारतीय जवान।
26 जुलाई 1999 को कारगिल की चोटी पर भारत का तिरंगा लहराया था।4।


*सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) 493558
मोब.- 8103535652
9644035652
ईमेल- [email protected]

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