KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

झाँसी की रानी

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका व बलिदान की गौरव गाथा

0 43

झाँसी की रानी

Rani-Laxmi-Bai-of-Jhansi
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई

काशी के मोरोपंत के घर गूँजी एक तनया की किलकारी,
मनु, छबीली, मणिकर्णिका सब पुकारते बारी – बारी,
तलवारबाजी में तेज़,
घुड़सवारी में तरबेज़
तेरह वर्षीय, गंगाधर राव की रानी,
बन गयी झाँसी की पटरानी,
खोया नन्हा दामोदर और गंगाधर राव को,
फिर दत्तक लिया आनंद उर्फ दामोदर राव को
1857 के स्वतंत्रता आंदोलन की बहादुर सिपहसालार,
अपनी झाँसी नहीं दूँगी, शपथ ली हर बार ।
साहस और पराक्रम की ऐसी मिशाल,
जिसने जलाए रखी स्वतंत्रता आंदोलन की मशाल।
जनरल ह्यूम ने कहे गौरव उद्गार,
रानी को कहा स्वतंत्रता आंदोलन का साहसी किरदार ।
साथियों संग लड़ी वह बलिदानी,
अंतिम समय तक हार न मानी,
घायल होकर गिरी खून से लथ-पथ,
उन्तीस वर्ष की रानी निकली अंतिम पथ पर।
यही तो हमने सुनी कहानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी।

माला पहल ‘मुंबई’

Leave A Reply

Your email address will not be published.