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छत्तीसगढ़ मैया पर कविता -श्रीमती शशिकला कठोलिया,

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छत्तीसगढ़ मैया पर कविता

छत्तीसगढ़ी कविता
छत्तीसगढ़ी कविता

जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मैया,
सुन लोग हो जाते स्तंभित,
राष्ट्रगान सा स्वर है गुजँता,
छत्तीसगढ़ का यह राज गीत,
नरेंद्र देव वर्मा की अमर रचना,
है उसकी आत्मा की संगीत,
छत्तीसगढ़िया को बांधे रखता ,
यह पावन सुंदर सा गीत ,
धरती का शुभ भावों से सिंगार कर,
छत्तीसगढ़ माटी का बढ़ाया गौरव,
गीत में साकार हो उठता ,
समूचे छत्तीसगढ़ का वैभव,
 स्वरलिपि में बांधने वाले ,
धन्य है वह महान रचनाकार,
छत्तीसगढ़ के आत्मा का संगीत,
बन गया अरपा पैरी के धार ,
बन गया अरपा पैरी के धार ।

 श्रीमती शशिकला कठोलिया, 
शिक्षिका ,अमलीडीह ,डोंगरगांव
जिला-राजनांदगांव (छ.ग.)
मो न – 9340883488
          9424111042
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

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