कविता 13 कल दे देना किश्त में- मनीभाई नवरत्न

कविता 13
कल दे देना किश्त में
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नहीं है कोई चिंता की बात,
जनाब हम हैं,आपके साथ।
आज खाली है आपके हाथ!
भाई! कल दे देना किश्त में।
क्या सुख सुविधा है पाना?
किस में दिल का ठिकाना ?
ले जाओ ना आप मनमाना,
बांध करके जरा किश्त में ।
क्यों रखते हो जी हिसाब?
हमसे कर लो ना पुछताछ ।
क्या स्कीम नहीं लाजवाब?
थोड़ा थोड़ा कर किश्त में।
लगा ना प्रस्ताव में लाभ।
संग उपहार भी नायाब।
मनमोहक सारे असबाब।
ख्वाब पूरे करो किश्त में।
फाइनेंसर की सुनकर दलील।
बेकाबू होने लगा अपना दिल।
रिकार्ड तोड़ ,बड़ा लिए बिल।
कर लिये पूरे शौक किश्त में।
अब चेहरा क्यों है उदास ?
चीजें आलीशान है पास ।
क्या करूं एसी की ठंड में
अब नींद आए किश्त में।।
हमने शीघ्रता की चाह में
भटकते जीवन की राह में
आय से ज्यादा व्यय हुआ
अब नहीं चाहिए किश्त में।।
मनीभाई”नवरत्न”

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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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