कुंडलियाँ दोहा और रोला के संयोग से बना छंद है। इस छंद के ६ चरण होते हैं तथा प्रत्येक चरण में २४ मात्राएँ होती है। कुंडलियाँ छंद में दूसरे चरण का उत्तरार्ध तीसरे चरण का पूर्वार्ध होता है।

Kundaliyas are verses composed of a combination of Doha and Rolla. This stanza has 4 stages and each phase has 24 volumes. In the Kundaliya verse, the second half of the second phase is the first half of the third phase.

ऊर्जा संरक्षण 
ऊर्जा संरक्षण दिवस

ऊर्जा संरक्षण 

ऊर्जा संरक्षण           (1) ऊर्जा सदा बचाइये, सीमित यह भंडार। धरती का वरदान है, जग विकासआधार। जग विकास आधार , समझ कर इसे खरचना। बढ़े नहीं…

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दादा जी के संग में
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दादा जी के संग में

 ---- दादा ---- दादा जी के संग में , इस जीवन के ज्ञान । मेरे सच्चे मित्र सम ,जाते हैं मैदान ।। जाते हैं मैदान ,खेल वो मुझे सिखाते ।…

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हालत देख किसान की , बदतर होता आज
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हालत देख किसान की , बदतर होता आज

हालत देख किसान की , बदतर होता आज हालत देख किसान की , बदतर होता आज । कुर्सी वाले कर रहे , हैं किसान पर राज ।। हैं किसान पर…

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नये सृजन संकल्प , दे चला देखो विघटन

 ------ विघटन ------ विघटन की चलती क्रिया , मत होना हैरान । नियम सतत् प्रारंभ है , शायद सब अंजान ।। शायद सब अंजान , बदलते  गौर करो तुम ।…

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पंचायत विषय पर कविता
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पंचायत विषय पर कविता

 ------- पंचायत ------ पंचायत के बीच में ,  ले सच की सौगंध । माँग दिव्य सिंदूर दूँ  , थाम रहा मणिबंध ।। थाम रहा मणिबंध ,  हाथ ये कभी न…

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गुरु बिन जीवन व्यर्थ है- मदन सिंह शेखावत ढोढसर
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गुरु बिन जीवन व्यर्थ है- मदन सिंह शेखावत ढोढसर

गुरु बिन जीवन व्यर्थ है ,गुरु  है देव समान। नित्य करे गुरु वन्दना,गुरु का कर नित मान। गुरु का कर नित मान,ज्ञान की राह दिखाये। देकर  मंत्र  कमाल , जगत …

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स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ- रामनाथ साहू ननकी के कुंडलियाँ

स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ स्वार्थी मत बन बावरे , काम करो निःस्वार्थ ।शुद्ध भाव से कीजिए , जीवन में परमार्थ ।।जीवन में परमार्थ , बैरता बंधन…

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जाडा-बाबूलाल शर्मा

??????????~~~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा? *ढूँढाड़ी- --कुण्डलिया छंद* ?.              ?  *जाडा* ?.              ??????जाड़ो पड़ गो जोर को, थर थर  काँपै गात।पाल़ो पड़तो फसल पै,होय जियाँ हिमपात।होय जियाँ हिमपात, ओस रात्यूँ  या टपकै।म्हारै  मरुधर  माँय,…

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मोहिनी

विषय-मोहिनी विधा-कुंडलियाँ 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 सूरत है मन मोहिनी, राधा माधव साथ। हुए निरख सब बावरे, ले हाथों में हाथ।। ले हाथों में हाथ, छवि लगती अति न्यारी। मुरलि बजाए श्याम,लगे सबकोये…

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