KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मातृ दिवस पर दोहे- -गजेन्द्र हरिहारनो “दीप”

मातृ दिवस पर दोहे- -गजेन्द्र हरिहारनो “दीप”
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)

2 1,056

मातृ दिवस पर दोहे- -गजेन्द्र हरिहारनो “दीप”

विषय :- माँ
विधा :- दोहा छंद
—————————

आशीषों की पोटली , अनुपम माँ का प्यार ।
बिन माँगे मिलता मुझे , माँ का लाड़ दुलार ।

माँ से मिलता प्यार है , माँ से लाड़ दुलार ।
जीवन भर मिलता रहे , माँ से ये उपहार ।

हर पल हर क्षण हर घड़ी,रखती सबका ध्यान ।
माँ होती पहली गुरू , माँ ही है भगवान ।

ममता से ही सींचकर , पाले माँ परिवार ।
ख़ुशी बाँटने के लिए, सब कुछ देती वार ।

माँ की आँखें रो रही , वाणी देखो मौन ।
ऐसा वीर जवान फिर , देगा मुझको कौन ?

गजेन्द्र हरिहारनो “दीप” डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़)

Show Comments (2)