KAVITA BAHAR
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मुझसे कुछ ना बोलो

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मुझसे कुछ ना बोलो
राज ए दिल ना खोलो
सब हो रही है बयां इन आंखों से ।
रिश्तो में ना तोलो,
किस्तों में ना मोलो ।
सबसे होती है जुदा हर बातों से।
एहसास प्यार का, पास यार का ।
कब सुबह हुई कब शाम आई।
जब हम मिले जीक्रो मे तेरे नाम आई।
मैं बन गया हूं मतवाला
पी गया हूं तेरे नाम का प्याला।
महक गई यह मंजर सारा का सारा ।
तेरे सांसों से..
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