8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

नारी तुम हो नदी की धारा

नारी तुम हो नदी की धारा

naari स्त्री महिला women
naari samman

तुमसे ही है जीवन सारा,
तुम ही हो शक्ति,
तुम ही हो भक्ति,
पुरातन से लेकर नूतन तक ,
तुमने ही यह दुनिया सवारी,
इतने जुल्म  सहकर,
कुरीतियो  का ज़हर पीकर,
पहाड़ जैसी मुसीबत झेलकर भी,
अपने मार्ग से न डगमगाई,
और ओढ़ी सफलता की रजाई ।                  


 कभी लक्ष्मी बाई बनकर,
अंग्रेजों को धूल चटाई।
 तो कभी  इंदिरा गाँधी बनकर,
 देश हित  सरकार  बनाई।
कभी  सावित्री  फुले  बनकर
कुरीतियो के ख़िलाफ़ आवाज़  उठाई।


कभी  कल्पना  चावला  बनके,
चाँद  तक पहुँचने  की राह  बताई।
कभी किरण बेदी बनकर,
चोरो  की  करी  धुलाई।
तो कभी  लेखिका  बनकर,
कलम  की ताकत  बताई।


कभी  पी वी सिंधु  बनके,
ओलिंपिक मैं गाड़  दिए  झंडे।
कभी  मैरीकॉम  बनके,
दिखाई  मुक्केबाज़ी की कला।        
तो कभी श्वेता सिंह बनके,
सारे  जहाँ  की  खबर  सुनाई।

हर रूप  में  तुम हो  आई,
जिसमे  यह  दुनिया समाई     ।                          

तुम ही  हो  तिरंगे की शान,
तुमसे ही है देश का मान,
तुमसे ही है देश का मान….।।

यक्षिता जैन , रतलाम मध्य प्रदेश
                           

1 thought on “नारी तुम हो नदी की धारा”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page