जीवन तेरा बस नाम है-नेहा चाचरा बहल ‘चाहत’
Uncategorizedजीवन तेरा बस नाम है युद्ध है संग्राम है जीवन तेरा बस नाम हैदेख मैं हैरान हूँ , तू फ़िर भी क्यों बदनाम हैतूने धारा त्याग को ,तेरी कामना निष्काम हैदेख मैं हैरान हूँ , तू फ़िर भी क्यों बदनाम हैयुद्ध है संग्राम है…… बनके बेटी जन्मीं थी तू , तू थी खुशियाँ तू बहारपर
जीवन तेरा बस नाम है-नेहा चाचरा बहल ‘चाहत’ Read More »


