कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

करवा चौथ पर कविता

करवाचौथ पर हिंदी कविता

समय और जीवन दर्शन

करवाचौथ पर हिंदी कविता- करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाने वाला पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ मनाती हैं। यह व्रत सवेरे सूर्योदय से पहले लगभग 4 बजे से आरंभ होकर रात में चंद्रमा दर्शन के उपरांत संपूर्ण होता है।

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हिन्दी की महत्ता पर कविता

मन और भावनाएँ

हिन्दी की महत्ता पर कविता – मानव जाति अपने सृजन से ही स्वयं को अभिव्यक्त करने के तरह-तरह के माध्यम खोजती रही है। आपसी संकेतों के सहारे एक-दूसरे को समझने की ये कोशिशें अभिव्यक्ति के सर्वोच्च शिखर पर तब पहुँच गई जब भाषा का विकास हुआ। भाषा लोगों को आपस मे जोड़ने का सबसे सरल

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टेचराही….(व्यंग) दिन आगे कइसा

हिंदी कविता

टेचराही….(व्यंग) दिन आगे कइसा गोरर-गोरर केजिनगी सहीचलत हे नेट,महिना पुटभरे परथेभरे झन पेट। दु दिन आघुमटकत रहिथेआरो मोबाइल मफोन आथे छोकरी केकहिथे ,स्टाइल म। जल्दी भरवा लोआपके सेवाहो जाही बंद,कसके लेववफेसबुक, वाट्सअपके आनंद। मरताका न करतालगा थे जुगाड़,लइका केफीस पटे झन पटेहो भले आड़। मुड़ खुसारेनटेरे आँखीअंगरी चलत हे,निसा धरेलत परगेरात-दिन कलत हे। चुहक डरिसनेट

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जय जगदम्बे माँ पर कविता

हिंदी कविता

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। जय जगदम्बे माँ पर कविता विंध्यवासिनी, पाप नाशनी जय जगदम्बे माँ |हे जग

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी पर कविता

हिंदी कविता

कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी पर कविता हाँ मुंशी प्रेमचंद जी , साहित्यकार थे ऐसेमानवता की नस-नस को पहचान रहे हों जैसे। सन् अठ्ठारह सौ अस्सी में अंतिम हुई जुलाईतब जिला बनारस में ही लमही भी दिया सुनाईआनंदी और अजायब जी ने थी खुशी मनाईबेटे धनपत को पाया, सुग्गी ने पाया भाईफिर माता और पिता

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doha sangrah

शुभ्र शरद पूर्णिमा – बाबूलाल शर्मा

हिंदी कविता

शुभ्र शरद पूर्णिमा – बाबूलाल शर्मा शुभ्र शरद शुभ पूर्णिमा, लिए शीत संकेत।कर सोलह शृंगार दे, चंद्र प्रभा घर खेत।। दक्षिण पथ रवि रथ चले, शरद पूर्णिमा देख।कृषक फसल के बीज ले, हल से लिखे सुलेख। श्वाँस कास उपचार हित, खीर चाँदनी युक्त।उत्तम औषधि वैद्य दे, करे रोग से मुक्त।। सुधा बरसता चन्द्र से, कहते

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समझाये सबो मोला (छत्तीसगढ़ी गजल)

हिंदी कविता

पगला कहे दुनिया समझाये सबो मोला ।का तोर मया हे दिखलाये सबो मोला ।। मन मोर भरम जाये वो ही गोठ ला करथेंदुरिहा चले जावों भरमाये सबो मोला । मँगनी के मया नोहे मया हावे जनम केनिंदा करें सब झन बिचकाये सबो मोला । कइसे तोला छोड़ँव मर जाहूँ लगे अइसेअर्थी मा मढ़ाये अलगाये सबो

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कतको दीवाना हे (छत्तीसगढ़ी गजल)

हिंदी कविता

कतको दीवाना हे (छत्तीसगढ़ी गजल) किस्मत के सितारा हा चमक जाही लगत हे ।मन तोर दीवाना हे भटक जाही लगत हे ।। खुशबू ले भरे तन मा रथे मन घलो सुंदरतोर तीर जमाना ये जटक जाही लगत हे । कतको दीवाना हे अउ कतको अभी होहीकतको इहाँ फाँसी मा लटक जाही लगत हे । अब

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लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर कविता

समाज और यथार्थ

लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर कविता जयप्रकाश नारायण सिन्हा जी को हम तो,अपने जीवन के सपनों में सचमुच लाएँबने लोकनायक वे ऐसा ज्ञान दे गए,जिससे हम मानवता को फिर से पनपाएँ। छपरा जो बिहार में गाँव सिताब दियारा,अब उत्तर प्रदेश के बलिया में है न्याराग्यारह अक्टूबर को सन् उन्नीस सौ दो में,वहीं जन्म ले जो सबका

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mahatma gandhi

दोहा मुक्तक-बापू पर कविता

हिंदी कविता

दोहा मुक्तक-बापू पर कविता सदी वही उन्नीसवीं, उनहत्तर वीं साल।जन्मे मोहन दास जी, कर्म चंद के लाल।बढ़े पले गुजरात में, पढ़ लिख हुए जवान।अरु पत्नी कस्तूरबा, जीवन संगी ढाल। भारत ने जब ली पहन, गुलामियत जंजीर।थी अंग्रेज़ी क्रूरता, मरे वतन के वीर।हाल हुए बेहाल जब, कुचले जन आक्रोश।देख दशा व्याकुल हुए, गाँधी जी मति धीर।

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mahatma gandhi

पाती एक लिखी है बापू के नाम

हिंदी कविता

पाती एक लिखी है बापू के नाम पाती एक लिखी है, हमने प्यारे बापू के नाम।सभांल के रखना इस देश को अब हमारा काम। सत्य अहिंसा की ज्वाला जो दिल में जलाई है।बुझने न दी हमने लौ को, आंधी तो खूब आई है।भेदभाव कभी न रखेंगे, कभी न करेंगे क्रोध।तेरे आदर्शों पर चलेंगे, न करेंगे

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mahatma gandhi

भारत राष्ट्रपिता कहलाये धन्य

हिंदी कविता

भारत राष्ट्रपिता कहलाये धन्य सादा जीवन उच्च विचार अपनाये मानवतावादी।भारत राष्ट्रपिता कहलाये धन्य महात्मा गाँधी। २ अक्टुबर सन् १८६९ समय रहा सुखदाई।गुजरात के पोरबन्दर में जन्म आपने पाई।पिता कर्मचन्द्र गाँधी थे माता पुतली बाई।मोहनदास कर्मचन्द्रगाँधी पुरा नाम कहलाई। जीवन साथी डोर कस्तुरबा गाँधी के संग बांधी।भारत राष्ट्रपिता कहलाये धन्य महात्मा गाँधी। सत्यअहिंसा पाठ पढा़कर जन

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