KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

प्रयाण-गीत गाए जा!- गोपालप्रसाद व्यास

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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर प्रियांशी की कविता

तम्बाकू एक ऐसा है नशा ।
बिगड़े जिससे घर की ‌दशा।

तम्बाकू जानलेवा ,सभी पढ़ते ।
फिर भी क्यों इसका सेवन करते।

तम्बाकू की हरेक पत्तियां ।
लाती हैं घर में विपत्तियां ।


तम्बाकू से मिटता सुख चैन ।
अब तो होना चाहिए इसे बैन।


तम्बाकू को त्याग कर सेहत बनाइए,
स्वयं बचिए , और पैसे भी बचाइए।


प्रियांशी जी‌ का सबसे अनुरोध है,
तम्बाकू पर अब लगाना प्रतिरोध है।

तम्बाकू त्यागने वाले के हम साथ है।
छोड़ोगे तब जानें, तुममें भी कुछ बात है।



✍️ प्रियांशी मिश्रा
उम्र:16

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16 Comments
  1. Meenu says

    SuperbIn

  2. Dharmendra says

    Very nice lines.।

  3. Muskan says

    Nice

  4. somendra says

    Awesome

  5. Poonam says

    Nice

  6. Meenu says

    Keep it up

  7. Meena says

    Superb

  8. Khushi says

    Very nice

  9. Pari says

    Awesome lines

  10. Somendra says

    Super

  11. Nitin says

    Nice thinking

  12. Pranjal says

    Good

  13. Aashi says

    Nice

  14. Mandvi bajpai says

    Well done

  15. Skullcrusher says

    Kandarf

  16. वंशिका यादव अनुष्का (अनू) says

    sabko priyanshi ji ki baat mananna hai