KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

पेड़वा बिना (भोजपुरी पर्यावरण गीत)

0 731

पेड़वा बिना (भोजपुरी पर्यावरण गीत)



जइसे तड़पेले जल बिना मछरी ना हो |
तड़पे छतिया धरती पेड़वा बिना |
गावे ना गोरिया सावन बिना कजरी ना हो |
सतावे बरखा रतिया गोरी सजना बिना |



महल अटारी मिलवा बनवले वनवा उजारी |
पेड़वा के काटी काटी धरती दिलवा दुखाई |
बरसेला बदरा कबों दुनिया ना हो पेड़वा बिना |



बाची कईसे धरती पेड़वा ना लउके कही |
जीव जन्तु पशु पक्षी बचावे जान भऊके कही |
बची ना धरती अब आदमी के जतिया ना हो
पेड़वा बिना |


चीरइ क चह चह कोइलर कुहु ना सुनाला कही |
झरना क झर झर पवनवा सर सर ना दिखाला कही |
जिये खातिर मिले नाही हवा नकिया ना हो ,
पेड़वा बिना |


चाही हरियाली यदी धरती पेड़वा लगावा सभे |
जल जंगल जमीन मिली परती बचावा सभे |
मिलीहें ठंडी ठंडी पवन पुरवईया ना हो ,
पेड़वा बिना |


जइसे तड़पेले जल बिना मछरी ना हो |
तड़पे छतिया धरती पेड़वा बिना |


श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक / गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब -9955509286

Leave a comment