KAVITA BAHAR
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पुस्तक पर दोहे-डॉ एन के सेठी

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पुस्तक पर दोहे-डॉ एन के सेठी

पुस्तक होती है सदा, सबसे अच्छा मित्र।
ज्ञान हमे देती यही, प्रस्तुत करती चित्र।।१।।

पुस्तक पढ़कर के मनुज ,बनता है विद्वान।
जीवन के हर दुख का,मिलता उसे निदान।।२।।

पुस्तक पढ़ने से हमे, मिलते हैं संस्कार।
सरस्वती की हो कृपा, होवे शुद्ध विचार।।३।।

माता पुस्तकधारिणी, करती कृपा अपार।
करता उसकीभक्ति जो,मिट जायअंधियार।।४।।

पुस्तक पढ़करभी मनुज,करता दुर्व्यवहार।
ज्ञान अधूरा पाय के, रखता है कुविचार।।5।।

©डॉ एन के सेठी

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