KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

रिमझिम रिमझिम गिरता पानी- अदित्य मिश्रा

सावन के महीने में जब होती है जब बरसात हो जाते है सभी खुश पशु-पक्षी हो या चाहे हो किसान।

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रिमझिम रिमझिम गिरता पानी

रिमझिम रिमझिम गिरता पानी
छमछम नाचे गुड़िया रानी
चमक रही है चमचम बिजली
छिप गईं है प्यारी तितली
घनघोर घटा बादल में छाई
सबके मन में खुशियाँ लाई
नाच रहे हैं वन में मोर
चातक पपीहा करते शोर
चारों तरफ हरियाली छाई
सब किसान के मन को भाई।

अदित्य मिश्रा
दक्षिणी दिल्ली, दिल्ली
9140628994

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