KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सबको चांद का दीदार चाहिए

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सबको चांद का दीदार चाहिए…

मुझे तो मेरा चांद पास मिला है।
ये वो  नहीं जो आसमान का है…
ये नक्षत्र तो मेरे दिल में खिला है।
तू चांद देख जानम..और अपना व्रत तोड़ ले।
मैं ना छोड़ूँ  ये व्रत , चाहे सारा जग छोड़ दे।
तेरे साथ रहना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।
तेरे संग चलना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।
इस दुपट्टे की लाल में प्यार की गहराई है।
माथे के सिन्दूरी में  यादों की शहनाई है।
गले में ये मंगलसूत्र रिश्तों की पूजा है।
तुमसे बढ़के मेरा यहाँ कोई ना दूजा है ।
मैं ना बिकूंगा तुझे चोट देने के लिए
कोई मुझे चाहे लाख करोड़ दें।
मैं ना छोड़ूँ ये व्रत , चाहे सारा जग छोड़ दे।
तेरे साथ रहना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।
तेरे संग चलना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।
शाम की इन हवाओं में रंगीनी छाई है।
जैसे समां ने खुशी से मेंहदी रचाई  है।
हर पति खुशकिस्मत है चेहरे में साज है।
आज अपने पत्नी पे उसे गर्व और नाज़ है।
करवाचौथ का त्यौहार हम सबके लिये
रिश्तों में खुशहाली मोड़ दें।
मैं ना छोड़ूँ  ये व्रत , चाहे सारा जग छोड़ दे।
तेरे साथ रहना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।
तेरे संग चलना माहिया
बस यही कहना माहिया
तेरे साथ रहना..।

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