KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

शीत/ठंड पर हाइकु

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शीत/ठंड पर हाइकु

[1]
शीत प्रदेश
बरस रही चाँदी
धूप बीमार ।
~~~~~~~~~
[2]
शीत लहर
कँपकपाते होंठ
हँसे धुनियाँ ।
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[3]
बैरन शीत
प्रीतम परदेश
खुशियाँ सुन्न ।
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[4]
मुस्काती धुँध
सूरज असहाय
जीवन ठप्प ।
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[5]
ठण्ड में धूप
देती गरमाहट
ज्यों माँ की गोद ।
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अशोक दीप✍️
जयपुर

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