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सोरठा छंद [अर्ध सम मात्रिक] कैसे लिखें

सोरठा छंद [अर्ध सम मात्रिक]

विधान – 11,13,11,13 मात्रा की चार चरण , सम चरणों के अंत में वाचिक भार 12 (अपवाद स्वरुप 12 2 भी), विषम चरणों के अंत में 21 अनिवार्य, सम चरणों के प्रारंभ में ‘मात्राक्रम 121 का स्वतंत्र शब्द’ वर्जित, विषम चरण तुकांत जबकि सम चरण अतुकांत l

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विशेष – दोहा छंद के विषम और सम चरणों को परस्पर बदल देने से सोरठा छंद बन जाता है ! इसप्रकार अन्य लक्षण दोहा छंद के लक्षणों से समझे जा सकते हैं l

उदाहरण :
चरण बदल दें आप,
दोहा में यदि सम-विषम,
बदलें और न माप,
बने सोरठा छंद प्रिय l

– ओम नीरव

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