प्रेम भाव पर हिंदी कविता

सखी के लिए कविता

मैं हूँ मोहब्बत – विनोद सिल्ला

मोहब्बत मुझेखूब दबाया गयासूलियों परलटकाया गयामेरा कत्ल भीकराया गयामुझे खूब रौंदा गयाखूब कुचला गयामैं बाजारों में निलाम हुईगली-गली बदनाम हुईतख्तो-ताज भीखतरा मानते रहेरस्मो-रिवाज मुझसेठानते रहेजबकि में एकपावन अहसास हूँहर दिल केआस-पास हूँबंदगी काहसीं प्रयास हूँमैं हूँ मोहब्बतजीवन का पहलूखास हूँ। –विनोद सिल्ला©

love heart shaped by hand

मैंने चाहा तुमको हद से -मनीभाई

मैंने चाहा तुमको हद से -मनीभाई मैंने चाहा तुमको हद से,कोई खता तो नहीं।मैंने मांगा मेरे राम सेकोई ज्यादा तो नहीं।तू समझे या ना समझेतू चाहे या ना मुझे चाहेइसमें कोई वादा तो नहीं। तेरी भोली बातें सुनूं,या देखूं ये निगाहेंकैसे संभालूं दिल को,कैसे छुपाऊं आहें।तेरे पास पास रहूं,तेरे साथ साथ चलूंइसकी कोई वजह तो …

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता

प्रेम भाव पर हिंदी कविता -डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

प्रेम भाव पर हिंदी कविता शांत सरोवर में सदा , खिलते सुख के फूल।क्रोध जलन से कब बना,जीवन यह अनुकूल।। मानवता के भाव का,समझ गया जो मर्म।उनके पावन कर्म से , रहता दूर अधर्म।। मन में हो विश्वास जब,जीवन बनता स्वर्ग।शुभकर मन के भाव से , बढ़े जगत संसर्ग।। मन को शीतल ही करें , …

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हम तुम छेड़ें राग-बाबू लाल शर्मा

सरसी छंद विधान:-१६ + ११ मात्रा ,पदांत २१(गाल) चौपाई+दोहा का सम चरण हम तुम छेड़ें राग बीत बसंत होलिका आई,अब तो आजा मीत।फाग रमेंगें रंग बिखरते,मिल गा लेंगे गीत। खेत फसल सब हुए सुनहरी,कोयल गाये फाग।भँवरे तितली मन भटकाएँ,हम तुम छेड़ें राग। घर आजा अब प्रिय परदेशी,मैं करती फरियाद।लिख कर भेज रही मैं पाती,रैन दिवस …

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तुम्हारा साथ काफी है -राजेश्वरी जोशी

तुम्हारा साथ काफी है जिंदगी में तुम्हारा साथ काफी है, हाथों में मेरे तेरा हाथ काफी है। दूर हो या हो पास कोई बात नही है, तुम साथ हो यह एहसास काफी है। लड़ते भी रहते हैं,हँसते भी रहते है, पर हम हैं साथ- साथ यही काफी हैं। मेरे दर्द का तेरे दिल में ,अहसास …

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हम भी दीवाने और तुम भी दीवाने

हम भी दीवाने और तुम भी दीवाने इश्क में हो गये हम दीवानेइश्क में हो गये हम वीरानेइश्क में दौलत क्या है ?इसमें लुट गये सारे खजानेइश्क में हो गये हम दीवानेहम भी दीवाने और तुम भी दीवाने।। शीरीं भी मर गयी मर गया फराद भीलैला भी मर गई मर गया मजनू भीमर जायें इश्क …

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hindi muktak || हिंदी मुक्तक

प्रीत पुरानी-बाबू लाल शर्मा

प्रीत पुरानी १६ मात्रिक मुक्तक थके नैन रजनी भर जगते,रात दिवस तुमको है तकतेचैन बिगाड़ा, विवश शरीरी,विकल नयन खोजे से भगते। नेह हमारी जीवन धारा।तुम्हे मेघ मय नेह निहारा।वर्षा भू सम प्रीत अनोखी,मन इन्द्रेशी मोर पुकारा। पंथ जोहते बीते हर दिन,तड़पें तेरी यादें गिन गिन।साँझ ढले मैं याद करूँ,तो,वही पुरानी आदत तुम बिन। यूँ ही …

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hindi geet || हिंदी गीत

कैसे कह दूं कि मुझे तुमसे प्यार हुआ नहीं

कैसे कह दूं कि मुझे तुमसे प्यार हुआ नहीं   सबको कई बार होता मुझे एक बार हुआ नहीं , तुम्हें देखने को ये दिल भी बेकरार हुआ नहीं, कोशिश बहुत की इस कम्बख्त दिल ने मगर , फिर भी मुझसे इश्क का इज़हार हुआ नहीं , मेरी नजरें मिली नहीं तुम्हारी नजरों से ज़रा भी …

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता

ये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है

ये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है जज़्बातों की होगी ज़रूरत समझने को इसे लफ़्ज़ों से समझ जाए कोई ये वो कहानी नहीं हैये जो लग रहा है गिला सा आँख टूटे हुआ दिल काये लहू है आँखों का कोई पानी नहीं है छोड़ कर जाने का फ़ैसला जो कर लिया है तुमने …

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kavita bahar

ओ मेरे मन मीत

ओ मेरे मन मीत ओ मेरे मन मीत प्रीत तुम याद बहुत ही आते हो ।आने को कह गये आ जाओ क्यों रुलाते हो । जब  से दूर  गये हो मुझसे जीवन में उल्लास नहीं ।सपने सारे बिखर गये जिन्दगी में सुवास नहीं ।अब लगता है ह्रदय के टुकड़े होकर बिखर गये ।बीती यादें ही …

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