KAVITA BAHAR
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युवा चेतना आधारित रचना

*आत्मविश्वास*

स्वरचित कविता:- ■आत्म विश्वास■ मानसिक शक्ति में वृद्धि ला, सुविचार आत्मविश्वास बढ़ा। सरल व्यक्ति की धनी बनकर, मन की चिंता दूर हटा । अंत: भावना…

स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंदगेरूआ वस्त्र, उन्नत मस्तक, कांतिमय शरीर ।है जिनकी मर्मभेदी दृष्टि, निश्छल, दिव्य,धीर।।युवा के उत्थान हेतु तेरे होते अलौकिक विचार ।आपके…

हे युवा!

हे युवा!कितनी बातें लिखेंगे??कितनी.... ईमानदारी से।डीजिटल हुई भावनाएँ,इंटरनेट की पहरेदारी से।कुछ बंधक है कुछ ग्रस्त,कुछ तो.. फसे भारी त्रस्त।जाने चहरे…

युवा  चेतना

युवा  चेतनादेश की हालात देख, मेरा मन भर आया।बाहर शांत और अंदर घनी उदासी छाया।समाधान के लिए मुझे मेरा मन उकसाया।दशा सुधार हेतु ,युवा को आधार…