sagar nadi
sagar

सागर पर हिंदी कविता – सुकमोती चौहान रुचि

सागर पर हिंदी कविता sagar सागर गहरा ज्ञान सा, बड़ा वृहद आकार |कौन भला नापे इसे, डूबा ले संसार |डूबा ले संसार, नहीं सीमा है कोई |कहलाये रत्नेश, यही कंचन…

0 Comments
sagar nadi
sagar

सागर- मनहरण घनाक्षरी

सागर- मनहरण घनाक्षरी सागर- मनहरण घनाक्षरी पोखर व झील देखो , जिसमें न गहराई ,थोड़ा सा ही जल पाय, मारते उफान हैं I सागर को देखो वहाँ , नदियाँ हैं…

0 Comments