Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

तोता पर कविता

0 277

तोता पर कविता

HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

CLICK & SUPPORT

ना पंख है
ना पिंजरे में कैद,
फिर भी है तोता ।
खाता है पीता है,
रहता है स्वतंत्र,
हमेशा एक गीत है गाता
नेता जी की जय हो।
कर लिया बसेरा
बगल की कुर्सी पर,
खाने को जो है मिलता
मुफ्त का भोजन,
टूट पड़ता है बेझिझक
गजब का तोता।

मानक छत्तीसगढ़िया

Leave A Reply

Your email address will not be published.