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उत्सव की घड़ियाँ-मधुसिंघी

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उत्सव की घड़ियाँ

घड़ियाँ सुख की आज आई ,गणपति लाये उत्सव ।
मन से मन को जोड़ने का, करना है हमको जतन।
घड़ियाँ सुख की आज आई।

1)विपदा कोई भी आ जाये,विघ्नहर्ता कर देते अंत।
सच्चे दिल से नाम ले लो ,कट जायेंगे पाप अनंत ।
घड़ियाँ सुख की आज आई।

2)अभिलाषा कोई भी मन की,पूर्ण करते ये तुरंत।
कृपादृष्टि हम पर होगी 2, तिर जायेंगे भव अनंत।
घड़ियाँ सुख की आज आई।

3)श्रद्धा तन मन से हमारी, हो जाये जीवन बसंत
भक्ति सद्भावों से करते 2,खुशियाँ पायी है अनंत।

घड़ियाँ सुख की आज आई,गणपति लाये उत्सव।
मन से मन को जोड़ने का, करना है हमको जतन।
घड़ियाँ सुख की आज आई।

मधुसिंघी