KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

यह असर है ,दोस्ती का तेरा – मनीभाई नवरत्न

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आती है खुशी, थोक में ,तेरे आने से ।
झरती है हंसी, लबों में, मुस्कुराने से ।
यह असर है ,दोस्ती का तेरा

जो दी है तुने , तुमसे दिल लगाने से ।।

इंतजार रहता है, तेरा सबसे ज्यादा ।
भूलूंगा कैसे अब, तुमसे की वादा ।
कब छुपी है ये प्यार, लाख छुपाने से ।।

यह असर है ,दोस्ती का तेरा
जो दी है तुने , तुमसे दिल लगाने से ।।

गुलाबी गुलाब सा ,तेरे चेहरे की रंगत ।
शराबी हालात सा, पाकर तेरी संगत ।।
अब लगने लगा मुझे, दीवाना हूँ जमाने से।।

यह असर है ,दोस्ती का तेरा
जो दी है तुने , तुमसे दिल लगाने से ।।

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