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जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास – मनीभाई नवरत्न

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जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास।

छूना है तूम्हें ,सारा आकाश।।

1.

जुड़ेंगे तेरे भी, नसीब के धागे।
आसान नहीं पल, मंजिल से आगे।
बदकिस्मती हर दिन होती नहीं पास।

जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास।

2.

लाया नहीं कुछ तो, खोना क्या?
बेवजह किस बात पे ,रोना क्या?
हंस ले गा ले जरा, जब तक सांस।

जिन्दगी अभी तू, मत हो उदास।

-मनीभाई नवरत्न

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