रोटी पर 5 बेहतरीन कविताएं -चौपाई छंद

13 जून 2022 को साहित रा सिंणगार साहित्य ग्रुप के संरक्षक बाबूलाल शर्मा ‘विज्ञ’ और संचालक व समीक्षक गोपाल सौम्य सरल द्वारा ” रोटी” विषय पर चौपाई छंद कविता आमंत्रित किया गया जिसमें से रोटी पर 5 बेहतरीन कविताएं चयनित किया गया। जो कि इस प्रकार हैं- कविता 1 भूख लगे तब रोटी खाना।तभी लगे … Read more

हाकलि/मानव छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

हाकलि/मानव छंद [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रत्येक चरण में 14 मात्रा होती हैं , तीन चौकल के बाद एक द्विकल होता है (4+4+4+2) l यदि तीन चौकल अनिवार्य न हों तो यही छंद ‘मानव’ कहलाता है l उदाहरण – बने ब/हुत हैं/ पूजा/लय,अब बन/वाओ/ शौचा/लय lघर की/ लाज ब/चाना/ है,शौचा/लय बन/वाना है l– ओम … Read more

मापनीमुक्त मात्रिक छंद विशेषताएं

मापनीमुक्त मात्रिक छंद विशेषताएं : (क) इन छंदों की लय को किसी मापनी में बाँधना संभव नहीं है l इन छंदों की लय को निर्धारित करने के लिए कलों ( द्विकल 2 मात्रा, त्रिकल 3 मात्रा, चौकल 4 मात्रा) का प्रयोग किया जाता है –द्विकल = 2 या 11त्रिकल = 21 या 12 या 111चौकल … Read more

चौपई या जयकरी छंद कैसे लिखें

चौपई या जयकरी छंद [सम मात्रिक] विधान – इसके प्रयेक चरण में 15 मात्रा होती हैं, अंत में 21 या गाल अनिवार्य होता है, कुल चार चरण होते हैं, क्रमागत दो-दो चरण तुकांत होते हैं l उदाहरण :भोंपू लगा-लगा धनवान,फोड़ रहे जनता के कान lध्वनि-ताण्डव का अत्याचार,कैसा है यह धर्म-प्रचार l– ओम नीरव

शब्दों की महत्ता पर कविता

शब्दों की महत्ता पर कविता चुभते हैं कुछ शब्द,चूमते हैं कुछ शब्द /शब्दकोश से निकलकर,भावनाओं की गली से-गुजरते हैं,और पाते हैं अर्थ,कहीं अनमोल,कहीं व्यर्थ ।संगति का प्रभावतो पड़ता ही है।कितने जीवंत रहे होंगे !शब्द जब भाव ने-दिया होगा जन्म ।पर प्रदूषित परिवेश की-परवरिश ने कर दिया –जर्जर,दुर्बल और तिरस्कृत।गलत हाथों में है मशालें,रोशनी के लिए … Read more