समाज और यथार्थ

manibhai Navratna

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू

समाज और यथार्थ

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू 13/07/2017, 14:42:17: मनी भाई: आदरणीय बालकदास ‘निर्मोही ‘ जीनमस्कार ,कैसे है आप ? आशा है कि आप सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:07: बालकदास ‘निर्मोही’ जी: सादर नमस्कार सर, मैं सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:49: मनी भाई: जी बिल्कुल सर 13/07/2017, 14:44:59:

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हाइकु

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10

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मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10 1मानवाधिकारजब जग ने जानाराष्ट्र संयुक्त। 2वैश्विक तापसंकट में है राष्ट्रसुधरो आप। 3विश्व की शांतिपृथ्वी की सुरक्षाआतंक मिटा। 4अस्त्र की होड़विकास या विनाशअंधे की दौड़। 5भारत आयारंग भेद खिलाफसंसार जागा। 6चुनौती देतापर्यावरण रक्षाहे राष्ट्र!जुड़ो। 7 “मैं” और “तुम”खींच गई लकीरचलो “हम” हों।8 अस्त्र होती हैहिंसा की प्रतिमूर्तिलेती हैं शांति। 9

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manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न के गीत

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मनीभाई नवरत्न के गीत ओ मतवाले अपनी जिंदगी को मौत से मिला ले ।ओ मतवाले ओ दिलवाले।खुद को कर दे देश के हवाले ।ओ मतवाले ओ दिल वाले ।। ये मिट्टी हमारी जन्नत है ।ये मिट्टी हमारी दौलत है ।ये खुशहाल रहे, ये मालामाल रहेयही हमारी मन्नत है । इस मिट्टी पर हम अपना शीश

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स्काउट जम्बुरी गीत

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स्काउट जम्बुरी गीत यह गीत स्काउट गाइड और जम्बूरी के महत्व और मूल्यों को दर्शाता है। यहां इस गीत को आगे बढ़ाते हुए प्रस्तुत है: जम्बूरी गीत सबसे अपना गहरा नाता है,सबसे अपनी है प्रीति।आओ एक दूजे को मान दें,समझें सबकी संस्कृति। स्काउट गाइड सिखाताअनुशासन का पाठ,चलो हिलमिल जाएं हम सबमिटाके आपस की दूरी। जम्बूरी…

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कोरोना पर कविता

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कोरोना पर कविता वुहान चीन से फैल कोरोना ,दुनियाभर में हाहाकार मचाया ।छोटे बड़े सभी देशों में,खलबली मचाया ।। इटली अमेरिका जैसे,देश भी बच नहीं पाये ।विश्व के कोई देश,अपने को बचा नहीं पाये।। घर में रहकर,लॉकडाउन का पालन करना होगा।परिवार को सुरक्षित रख,देश को बचाना होगा ।। कोरोना से बचने,मास्क,सेनेटाइजर लगाना होगा ।अपना कर्तव्य

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dr bhimrao ambedkar

भीमराव आंबेडकर पर कविता / Poem on BR Ambedkar in hindi

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भीमराव रामजी आम्बेडकर (14 अप्रैल, 1891 – 6 दिसंबर, 1956), डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे।[1] उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों (दलितों) से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे। भीमराव आंबेडकर पर कविता

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beti

बेटियों पर कविता

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बेटियों पर कविता बेटियों से ही घर में आती खुशियाँ अपार।बेटियों के बिन अधुरा घर संसार।।गृहस्थ कार्यों में वह हाथ बटायें।सभी काज को मंगल कर जाये।।बिन बेटियों के जीवन न आगे बढ़ पाये।अपनों के साथ मिलकर रहना हमें सिखलाये।।घर में खुशी और मन में उमंग लिए।अपनी दुखों को छुपाकर संग संग जिये।।जन्म हुई बेटी की,घर

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शिक्षक पर कविता

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भारत के गुरुकुल, परम्परा के प्रति समर्पित रहे हैं। वशिष्ठ, संदीपनि, धौम्य आदि के गुरुकुलों से राम, कृष्ण, सुदामा जैसे शिष्य देश को मिले। डॉ. राधाकृष्णन जैसे दार्शनिक शिक्षक ने गुरु की गरिमा को तब शीर्षस्थ स्थान सौंपा जब वे भारत जैसे महान् राष्ट्र के राष्ट्रपति बने। उनका जन्म दिवस ही शिक्षक दिवस के रूप

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mahatma gandhi

गांधी जी के सपनों पर कविता

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गांधी जी के सपनों पर कविता गांधीजी के सपनों का है ये भारत,उन्नत होकर विकसित होता ये भारत।ग्रामीण परिवेश में जागरूकता बढ़ाया,स्वदेशी अपनाकर अभियान चलाया।। आर्थिक सामाजिक न्याय बताकर,गाँव के विकास को समझाया।व्यापकता की दृष्टि फैलाकर,जाति,धर्म,भाषा के भेदभाव को मिटाया।। नर-नारी को समानता दिलाकर,जीवन जीने का ढंग बताया।आमजनों को शिक्षा देकर,मानव चेतना को जागृत कराया।।

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संघर्ष पर कविता -संघर्ष का प्रतिफल

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संघर्ष पर कविता -संघर्ष का प्रतिफल मुझे मेरीसंघर्ष गाथा सेबेहद लगाव हैप्यार हैवोइसलिए किमैं वर्तमान मेंजो कुछ भी हूंवोमेरे संघर्ष काही प्रतिफल हैसंघर्ष के कारण हीमुझे समाज मेंशान से जीने काहक प्राप्त हुआ।। मनोज बाथरे

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मानसिकता पर कविता

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मानसिकता पर कविता आज सब कुछ बदल चुका हैमसलन खान-पान,वेषभूषा,रहन-सहन औरकुछ-कुछ भाषा और बोली भी आज समाज की पुरानी विसंगतियां, पुराने अंधविश्वासऔर पुरानी रूढ़ियाँलगभग गुज़रे ज़माने की बात हो गई हैआज बदले हुए इस युग में-समाज मेंअब वे बिलकुल भी टिक नहीं पाती अब काम पर जाते हुएबिल्ली का रास्ता काट जानाबिलकुल अशुभ नहीं माना

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