स्वामी दयानन्द सरस्वती – मनीभाई नवरत्न
समाज और यथार्थस्वामी दयानन्द सरस्वती – मनीभाई नवरत्न उन्नीसवीं शताब्दी के धूमिल क्षितिज परजब राष्ट्र की आत्मा अंधकार में ढंकी थी,जब मनुष्य की चेतना जड़ता के बोझ तले दबी थी,तभी एक तेजस्वी दीप्ति उठी—संस्कारों में तप्त, ज्ञान में प्रखर,जो स्वयं प्रकाश बनकर जनमन में आशा की लौ जलाने आया। टंकारा की मिट्टी में जन्मा मूलशंकरकेवल बालक नहीं,
स्वामी दयानन्द सरस्वती – मनीभाई नवरत्न Read More »

