रावन मारे बर बड़ हुसियार / राजकुमार ‘मसखरे’
समाज और यथार्थइस कविता में समाज के उन लोगों या नेताओं की आलोचना करता है जो जनता के अधिकारों और संसाधनों का दुरुपयोग करते हैं। “बहुरूपिया” का मतलब ऐसे लोग जो अपनी असली पहचान छिपाकर छल करते हैं। इसे समाज में जागरूकता फैलाने या भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाने में अपना रंग दिखाते हैं ।
रावन मारे बर बड़ हुसियार / राजकुमार ‘मसखरे’ Read More »










