कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

आज कल अवसाद से गुजर रहा हूं मैं

हिंदी कविता

*ग़ज़ल* आज कल अवसाद से गुज़र रहा हूं मैं। बिना तेरे निबाह! कैसे उमर रहा हूं मैं। एक उम्र तक जिंदगी से गिला न रहा, जिंदगी के साये से अब डर रहा हूं मैं। तू था साथ,तो हसीन थे दिन रात मेरे, अब पशोपेश से दो चार कर रहा हूं मैं। नाकाम आशिक,सौदाई भी नहीं […]

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शिव महिमा कविता

नारी जीवन और संवेदना

शिव महिमा कविता शिव शिवा शिव शिवा शिव शिवा ।शिव शव हैं……शिवा के सिवा। शिव अपूर्ण हैं शक्ति के बिनाशक्ति कब पूर्ण हैं शिव के बिनाअनुराग का सत इनका है वफ़ा। लोचन मोचन वि..मोचन सबल तुम होकांति चमक दामिनी सकल तुम होकायनात का कण तूने है रचा। वो अर्धनारी वो अर्धपुरुष हैंऋषि मुनि के हर तो

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आस टूट गई और दिल बिखर गया

हिंदी कविता

आस टूट गई और दिल बिखर गया आस टूट गयी और दिल बिखर गया।शाख से गिरकर कोई लम्हा गुज़र गया। उसकी फरेबी मुस्कान देख कर लगा,दिल में जैसे कोई खंजर उतर गया। आईने में पथराया हुआ चेहरा देखा,वो इतना कांपा फिर दिल डर गया। वहां पहले से इत्र बू की भरमार थी,गजरा लेकर जब उसके

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आस टूट गयी और दिल बिखर गया

हिंदी कविता

ग़ज़ल* •••••••••••••••••••••••••••••••••• आस टूट गयी और दिल बिखर गया। शाख से गिरकर कोई लम्हा गुज़र गया। उसकी फरेबी मुस्कान देख कर लगा, दिल में जैसे कोई खंजर उतर गया। आईने में पथराया हुआ चेहरा देखा, वो इतना कांपा फिर दिल डर गया। वहां पहले से इत्र बू की भरमार थी, गजरा लेकर जब उसके मैं

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राम नारायण हरि-अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

हिंदी कविता

राम नारायण हरि राम नारायण हरि, श्री कृष्ण नारायण हरिशिव नारायण हरि, गोविंद नारायण हरि मातृ नारायण हरि, श्री पितृ नारायण हरिकुल देव नारायण हरि, स्थान देव नारायण हरि श्याम नारायण हरि, श्री राधे नारायण हरिग्वालों के नारायण हरि, वृंदावन के नारायण हरि हरिद्वार के नारायण हरि, गौओं के नारायण हरिजगन्नाथ नारायण हरि, बाल गोपाल

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खुदा ने अता की जिन्दगी -अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

हिंदी कविता

खुदा ने अता की जिन्दगी खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेमुहब्बत के लिए क्यूं कर बैठा तू दूसरों से नफरतअपने अहम् के लिए खुदा ने अता की जिन्दगी तुझेएक अदद इंसानियत के लिए ऊंच – नीच के बवंडर में उलझ गया तूताउम्र भर के लिए खुदा ने अता की जिन्दगीआशिक़ी के लिए तू मुहब्बत का

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रंग देहूं तोला अपन रंग मा ओ

नारी जीवन और संवेदना

होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। विकिपीडिया

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भाईचारा

हिंदी कविता

द्वेष दम्भ भूलकर अपनाएँ भाईचारा । होगा खुशहाल तभी ये देश हमारा। विश्वास की गहरी नींव बनाकर, चलो कटुता मन की काटे। न बने किसी के दुख की वजह फूल खुशियों के बाँटें। हमारी संस्कृति यही सिखाती पूरा विश्व है एक परिवार। बैर ईर्ष्या उन्नति में बाधक प्रेम ही सुख का आधार।

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exam time

परीक्षा पर कविता (poem on exam in hindi)

हिंदी कविता

यहाँ पर परीक्षा पर कविता (poem on exam in hindi) का संकलन किया है जहाँ पर कवि यह बताने की कोशिश की हैं कि इस जीवन में हर रोज परीक्षा होती है. हर रोज परीक्षा होती है जीवन है संघर्ष सदा हीहर दिन ही एक चुनौती है।कदम कदम अवरोध यहाँ हैहर रोज परीक्षा होती है।।

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भगत सिंह की फांसी से 12 घंटे पहले की कहानी

हिंदी कविता

लाहौर सेंट्रल जेल 23 मार्च 1931 हुआ सवेरा एक नई बहार आई तूफान से मिलने देखो आंधी भी आई कैदियों को अजीब लगा जब चरत ने आकर उनसे कहा सभी को अपनी कोठरी में अभी के अभी जाना है ऊपर से आए आदेश का पालन सबको करना है बरकत नाई जब आकर कानों में फुसफुसाया

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उपमेंद्र सक्सेना – मुहावरों पर कविता

हिंदी कविता

उपमेंद्र सक्सेना – मुहावरों पर कविता नैतिकता का ओढ़ लबादा, लोग यहाँ तिलमिला रहे हैं और ऊँट के मुँह में जीरा, जाने कब से खिला रहे हैं। आज कागजी घोड़े दौड़े, कागज का वे पेट भरेंगेजो लिख दें वे वही ठीक है, उसे सत्य सब सिद्ध करेंगेचोर -चोर मौसेरे भाई, नहीं किसी से यहाँ डरेंगेऔर

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लोक गीत -उपमेंद्र सक्सेना

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लोक गीत -उपमेंद्र सक्सेना जाकी लाठी भैंस बाइकी, बाकौ कौन नाय अबु जनि हैकमजोरन की लुगाइनन कौ,दइयर तौ भौजाई मनि है। ब्याहु पड़ौसी को होबन कौ, बाके घरि आए गौंतरियापपुआ ने तौ उनमैं देखी, गौंतर खाउत एक बहुरियाबाके पीछे बौ दीबानो, औरन कौ बौ नाहीं गिनि हैकमजोरन की लुगाइनन कौ, दइयर तौ भौजाई मनि है।

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