KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
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अप्रैल 2019

हर पल मेरा दिल अब नग़मा तेरे ही क्यूं गाता है(Har pal mera dil…

हर पल मेरा दिल अब नग़मा तेरे ही क्यूं गाता हैदेखे कितने मंजर हमने तू ही दिल को भाता हैना जानूं क्यूं खुद पे मेरा लगता अब अधिकार नही आईना अब मैं जब भी…

यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होना(yu hi khud ke aage tum…

यूँ ही ख़ुद के आगे तुम मजबूर नहीं होनाशौहरत हाँसिल गर हो तो मग़रूर नहीं होनालाख फाँसले तेरे मेरे दरमियाँ क्यों न होनज़र की दूरी सही लेकिन दिल से दूर नहीं…

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली(dukh dard sabhi ke har…

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली,झोली सबकी तु भर दे वो माता मेहरावाली,नौ दिन का ये त्योहार लगे बडा ही प्यारा,तुमसे सबकी मैया नाता बडा ही…

ब्रज में भीड़ भारी(braj me bhid bhari)

बाँसुरी बजाये गीरधारी ब्रज में भीड़ भारी ।सखी संग नाचे वृषभानु दुलारी ब्रज में भीड़ भारी।बाँसुरी की धुन पे कान्हा गौ भी झूमे कदम की डाली मोहन तेरी…

कब कैसे ?क्या बोले ?(kab kaise ?kya bole?)

कब कैसे क्या बोले ?        :::::::::::::: :::::::::::::::::::::::वाणी एक दुधारू तलवार की तरह है।उचित प्रयोग करे तो अच्छा,नहीं तो बुरा।अपनी भावनाओं को…

कर्मठता की जीत (karmathta ki jeet)

स्वाभिमान मजबूत है , पोषण का है काज । बैठ निठल्ला सोचता ,  बना भिखारी आज ॥लाचार अकर्मण्यता , मंगवा रही भीख । काज बिना कर के करे , कुछ तो उससे सीख ॥…

आओ सब मिल कर संकल्प करें(aao sab mil kar sankalpa karen)

आओ सब मिल कर संकल्प करें।चैत्र शुक्ल नवमी है कुछ तो, नूतन आज करें।आओ सब मिल कर संकल्प करें॥मर्यादा में रहना सीखें, सागर से बन कर हम सब।हम इस में रहना…

कवि जो ऐसे होते हैं(kavi jo aise hote hai)

------------------------------कवि के हाथ मे है बाँसुरीजो मधुर स्वर प्रवाहित करता है ,आवश्यकता होने पर कवियुद्ध का शंखनाद वह भरता है !कवि साहित्य में…

हां मै कवि हूं(haan mai kavi hu)

 जीने की राह दिखाता हूं।अपनी लेख से, लोगो को जगाता हूं।हा मै कवि हूं.........रूठे मन को मनाता हूं।हास्य कविता लिखकर आम जनों को हसाता हूं।हां मै कवि…