कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

नौका पर कविता

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नौका पर कविता मँझधारों में माँझी अटका,क्या तुम पार लगाओगी।जर्जर नौका गहन समंदर,सच बोलो कब आओगी। भावि समय संजोता माँझीवर्तमान की तज छाँयाअपनों की उन्नति हित भूलाजो अपनी जर्जर कायाक्या खोया, क्या पाया उसनेतुम ही तो बतलाओगी।जर्जर ………………. ।। भूल धरातल भौतिक सुविधाभूख प्यास निद्रा भूलारही होड़ बस पार उतरनाकल्पित फिर सुख का झूलाआशा रही […]

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पंछी पर कविता

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पंछी पर कविता यह,मन प्यासा,पंछी मेरानील गगन उड़ करे बसेरा ।पल मे देश विदेशों विचरण,कभी रुष्ट,पल मे अभिनंदन,*प्यासा पंछी, उड़ता मन।।* पल में अवध,परिक्रम करता,सरयू जल अंजुलि में भरता।पल में चित्र कूट जा पहुँचे,अनुसुइया के आश्रम पावन,*प्यासा पंछी, उड़ता मन।।* पल में शबरी आश्रम जाए,बेर,गुठलियाँ ढूँ ढे खाए।किष्किन्धा हनुमत से मिलकर,कपि संगत वह करे जतन,*प्यासा

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पुस्तक पर दोहे – डॉ एन के सेठी

हिंदी कविता

यह विभिन्न श्रेणियों के अर्न्तगत हिंदी, अंग्रेजी तथा अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओँ एवं ब्रेल लिपि में पुस्तकें प्रकाशित करता है। यह हर दूसरे वर्ष नई दिल्ली में ‘विश्व पुस्तक मेले’ का आयोजन करता है, जो एशिया और अफ्रीका का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। यह प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक ‘राष्ट्रीय पुस्तक सप्ताह’ भी मनाता है। पुस्तक पर दोहे-डॉ एन के सेठी

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संघर्ष पर कविता -संघर्ष का प्रतिफल

समाज और यथार्थ

संघर्ष पर कविता -संघर्ष का प्रतिफल मुझे मेरीसंघर्ष गाथा सेबेहद लगाव हैप्यार हैवोइसलिए किमैं वर्तमान मेंजो कुछ भी हूंवोमेरे संघर्ष काही प्रतिफल हैसंघर्ष के कारण हीमुझे समाज मेंशान से जीने काहक प्राप्त हुआ।। मनोज बाथरे

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उम्मीद के दिये पर कविता-मनोज बाथरे

हिंदी कविता

उम्मीद के दिये पर कविता अपनेपन मेंखोये हुएहम खोजते हैंउम्मीद के दियेजो हमेंआशारूपीउजालेके साथ हमेंएक नई रोशनीदे सकेंअपने सुखदजीवन के लिए

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संबंध पर कविता-मनोज बाथरे

हिंदी कविता

संबंध पर कविता संबंध सिर्फहमें अपनों सेजोड़ने वालीकड़ी कानाम नहीं हैये तोवो संबंध हैजो सदैवहमारे बीचएक सेतु सा कार्यकरता हैअनेक संबंधों के लिए।।

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नास्तिक पर कविता

हिंदी कविता

नास्तिक पर कविता नास्तिक हीपैदा हुआ था मैंबाकी भीहोते हैं पैदा नास्तिक हीमानव मूल रूप मेंहोता है नास्तिक नाना प्रकार केप्रपंच करके उसेबनाया जाता है आस्तिककितना आसान है आस्तिक होनाबिना जाने मानना हैबिना तर्क किए मानना हैकिसी को नकारने के लिएचिंतन-मनन, तर्क-वितर्कअनुसंधान करना पड़ता है भले कितना ही दिखावा करेंआस्तिक होने काधर्म स्थलों के प्रभारीहोते

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manibhai Navratna

सबसे बड़ा प्रैंकर: मनीभाई नवरत्न

मन और भावनाएँ,

सबसे बड़ा प्रैंकर : मनीभाई नवरत्न ये जो छूटती हैहंसी की झरने लबों से ।हो सकती है स्वास्थ्यवर्धक ,पर नहीं कह सकतेये फूटी होगी प्राकृतिक । पर इसमें दोष नहीं है ,अवतरण जो हुआ तेराऐसे भयानक कृत्रिम जग में। कभी-कभी सोचता हूँझूठा नहीं था प्लेटो।जो कहता था ये दुनिया मिथ्या है,उससे भी बनावटी यहाँ के

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सर्वश्रेष्ठता पर कविता

प्रकृति और पर्यावरण

सर्वश्रेष्ठता पर कविता एकअदना जीवबेबस कर दियाअसहाय-त्रस्त-सहमा मानव,छुप बैठा अपनों से बचकर,जो हर कोण ढाल से,अपनों सा दिखते हैं.लेकिन पहचान नहीं बताते आसानी से. अब उनमें वहीं नहींबल्कि कोई और भी है.जो जान पर तूला है.हाय! ये मानव कुछ तो भूला है.नहीं तो ये प्रकृति ,हमारी भी है मां.सच!उसे पता हैसंतुलन कैसे है रखना?परिवर्तन उसका

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सर्चिंग पर लघु कथा

नारी जीवन और संवेदना

सर्चिंग पर लघु कथा अज्ञात मुखबिर से पुलिस को सुचना मिली की सलवाजुडूम कार्यकर्ताओं पर फायरिंग करने वाले मुख्य अभियुक्त महिला नक्सली लौमन कोतरापाल में छुपी हुई हैं।नक्सल ऑपरेशन प्रमुख एस एस पी दयाराम ने टीम गठित कर सर्चिंग दल को कोतरापाल जाने का आदेश दिया।दयाराम भी दल के साथ जंगल की ओर कूच कर

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