हिंदी कविता

तांका काव्य विधा पर रचनायें

प्रकृति और पर्यावरण

तांका एक प्राचीन जापानी काव्य विधा है जो संक्षिप्त और संरचित रूप में गहन भावनाओं और विचारों को व्यक्त करती है। यह विधा पाँच पंक्तियों में लिखी जाती है, और प्रत्येक पंक्ति में निर्धारित मात्रा होती है। तांका का शाब्दिक अर्थ “लघु गीत” या “छोटा गीत” होता है। इसे “वाका” के रूप में भी जाना […]

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प्यार का जोड़ा

प्यार करते हो उनको बता दीजिए/ कवि बृजमोहन श्रीवास्तव

हिंदी कविता

इस कविता में कवि बृजमोहन श्रीवास्तव ने प्रेम के इज़हार की खूबसूरती और आवश्यकता को वर्णित किया है। उन्होंने कहा है कि दिल में छुपे प्यार को साफ़ और सच्चे तरीके से व्यक्त करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी न रहे और प्रेम की राहें सजीव और उज्ज्वल बनें। प्यार करते हो उनको

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नव दीप

नव दीप / जानसी पटेल

समाज और यथार्थ

यहाँ पर “नव दीप जले हर मन में” शीर्षक से जानसी पटेल की एक कविता प्रस्तुत की जा रही है: नव दीप / जानसी पटेल रचयिता: जानसी पटेल नव दीप जले हर मन में,नव ज्योति बहे हर जीवन में। अंधकार हटे हर कोने से,प्रकाश फैले इस सृष्टि में। सपने संजोए आँखों में,संकल्प हो सजीव मन

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नव दीप

नव दीप जले हर मन में/ भुवन बिष्ट

समाज और यथार्थ

इस कविता में भुवन बिष्ट ने आशा, प्रेम, और भाईचारे का संदेश दिया है। हर व्यक्ति के मन में नई उम्मीदों और सकारात्मकता के दीप जलाने का आह्वान किया है, जिससे समाज में शांति, प्रेम, और सद्भावना का वातावरण बने। नव दीप जले हर मन में/ भुवन बिष्ट नव दीप जले हर मन में,          अब

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kavi aur kavita

कवि और कविता/ पुष्पा शर्मा”कुसुम”

समाज और यथार्थ

कवि: कवि वह व्यक्ति होता है जो शब्दों के माध्यम से भावनाओं, विचारों, और अनुभवों को व्यक्त करता है। कवि अपनी रचनाओं में कल्पना, संवेदना, और आत्मा का मिश्रण करते हुए पाठकों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। कवि का कार्य केवल शब्दों का संग्रह करना नहीं होता, बल्कि वह अपनी रचनाओं के माध्यम

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गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक का हिस्सा बने मनीभाई पटेल “नवरत्न”

हिंदी कविता

गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड में दर्ज छन्दबद्ध भारत का संविधान पुस्तक का हिस्सा बने मनीभाई पटेल “नवरत्न” बसना -भारत के 18 राज्यों के अलावा चार देशों के साहित्यकार द्वारा सृजित विश्व के प्रथम छंदबद्ध भारत का संविधान का हिंदी भवन, नई दिल्ली में विमोचन हुआ। मूल संविधान के 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित

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save tree save earth

धरती हमको रही पुकार-आदेश कुमार पंकज

हिंदी कविता

धरती हमको रही पुकार धरती हम को रही पुकार ।समझाती हमको हर बार ।। काहे जंगल काट रहे हो ।मानवता को बाँट रहे हो ।इससे ही हम सबका जीवन,करें सदा हम इससे प्यार ।।धरती हमको रही पुकार ।। बढ़ा प्रदूषण नगर नगर में ।जाम लगा है डगर डगर में ।दुर्लभ हुआ आज चलना है ,लगा

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हाइकु

गीता द्विवेदी की हाइकु

हिंदी कविता

गीता द्विवेदी की हाइकु 1  –  पकते फल       फुदके गिलहरी       कोई न हल 2  –  बीज धरा में        झर – झर बरखा        नवअंकूर 3  –  कठपुतली       मनोरंजन कड़ी       दुनिया भूली 4  –  एक आंगन       संयुक्त परिवार        लुभाए मन 5  –  ठण्डा है पानी       काँपती है सयानी        नहाए कैसे गीता द्विवेदीअम्बिकापुरजिला – सरगुजा

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हाइकु

हाइकु मंजूषा-पद्म मुख पंडा स्वार्थी

हिंदी कविता

हाइकु मंजूषा 1चल रही हैचुनावी हलचलप्रजा से छल 2 भरोसा टूटाकिसे करें भरोसासबने लूटा 3 शासन तंत्रबदलेगी जनताहक बनता 4 धन लोलूपनेता हो गए सबअब विद्रूप 5 मंडरा रहाभविष्य का खतराचुनौती भरा 6 खल चरित्रजीवन रंगमंचन रहे मित्र 7 प्यासी वसुधाजो शान्त करती हैसबकी क्षुधा 8 नदी बनाओजल संरक्षण कावादा निभाओ 9 गरीब लोगनिहारते गगननोट

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बाल श्रम निषेध दिवस

जीवन के झंझावातों में श्रमिक बन जाते है

हिंदी कविता,

जीवन के झंझावातों में श्रमिक बन जाते है नन्ही नन्ही कोमल कायानिज स्वेद बहाते हैं।जीवन के झंझावातों में,श्रमिक  बन जाते है।हाथ खिलौने वाले  देखो,ईंटों को झेल रहे।नसीब नहीं किताबें इनकोमिट्टी से खेल रहेकठिन मेहनत करते है तबदो रोटी पाते है।जीवन के—–गरीबी अशिक्षा के चलते,जीवन दूभर होतातपा ईंट भठ्ठे में जीवनबचपन कुंदन होतासपने सारे दृग जल

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hands mother and her kids

राह निहारूं माई- सन्त राम सलाम

हिंदी कविता

यहाँ मान पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। राह निहारूं माई – सन्त राम सलाम सांझ सबेरे तेरी,,,,,,,,राह निहारूं माई,,,,,,,,,मुझे छोड़-छोड़ मां तू, कहां चली जाती है।

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