घाव भी मुस्कुरा सकते हैं
हिंदी कविताघाव भी मुस्कुरा सकते हैं दर्द आएगा—यह कोई अपवाद नहीं,यह जीवन का स्वभाव है। तुम उसे रोकना चाहते हो,यही तुम्हारी भूल है।दर्द से नहीं,दर्द के विरोध सेपीड़ा जन्म लेती है। जब तुम कहते हो—“ऐसा नहीं होना चाहिए था”तभी अहंकारयथार्थ से लड़ने लगता है।और वही संघर्षदर्द को यातना बना देता है। दर्द को आने दो।उसे भीतर
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