हिंदी कविता

1 मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 May International Labor Day

मजदूर की दशा पर कविता

समाज और यथार्थ

मजदूरों के नाम समर्पित यह दिन 1 मई है। मजदूर दिवस को लेबर डे, श्रमिक दिवस या मई डे के नाम से भी जाना जाता है। श्रमिकों के सम्मान के साथ ही मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के उद्देश्य से भी इस दिन को मनाते हैं, ताकि मजदूरों की स्थिति समाज में मजबूत हो […]

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पृथ्वी माता पर कविता/  विजय कुमार कन्नौजे

हिंदी कविता

पृथ्वी माता पर कविता/  विजय कुमार कन्नौजे मां की गरिमा मां ही जानेंइनकी महिमा कौन बखानेमातृ भूमि को मेरा प्रणामसीना तानें जग को बचाने।। रसातल गगन बीच बैठकरसम भाव खुद में सहेज करपृथ्वी माता तुम्हें है प्रणामरक्षा कीजिए मां पुत्र मानकर हीरा पन्ना और सोना खानतेरी महिमा मां तुम ही जानखुशबू दिए मां तुम फुलों

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कारवाँ पर कविता / रमेश कुमार सोनी

प्रकृति और पर्यावरण

कारवाँ पर कविता / रमेश कुमार सोनी धरती माँ से सुनीकल एक कहानीदूध की नदियाँ औरसोने की चिड़िया थी कभीआँचल रत्नगर्भा औरपानी की अमृतधारा थी यहींवृक्षों की ठंडी छाँह औरखट्टे-मीठे फल का स्वादपरोसती थी वो कभी । आज मुझे वो मिली है-जहरीली हवाओं की दम घोंटू साँस औरअम्लीय वर्षा की चिंता लिएसीना छलनी हुएबोरवेल से

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लोकतंत्र का पर्व / आशीष कुमार

हिंदी कविता

लोकतंत्र का पर्व / आशीष कुमार लोकतंत्र का पर्व पावन परम हैमतदान हमारा पुनीत करम हैबज चुका है चुनावी बिगुलपक्ष-विपक्ष सबका मामला गरम है कोई कट्टरपंथी चरम हैकोई दिखाता खुद को नरम हैटर्र टरा रहे चुनावी मेंढकहर जगह मामला गरम है किसी का सब कुछ सिर्फ धरम हैकोई बूझे सिर्फ जात-पात का मरम हैसब कुछ

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mahatma gandhi

गांँधीजी का ज्ञान

हिंदी कविता,

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का वर्णन कविता के माध्यम से किया गया है।

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beti

बिटिया के मुखड़े पर धवल मुस्कान

हिंदी कविता

बिटिया के मुखड़े पर धवल मुस्कान मनुजता शूचिता शुभता,खुशियों की पहचान होती है।जहाँ बिटिया के मुखड़े पर,धवल मुस्कान होती है।इसी बिटिया से ही खुशियाँ,सतत उत्थान होती है।जहाँ बिटिया के मुखड़े,पर धवल मुस्कान होती है। सदन में हर्ष था उस दिन,सुता जिस दिन पधारी थी।दिया जिसने पिता का नाम,यह बिटिया दुलारी थी।महा लक्ष्मी यही बेटी,यही वात्सल्य

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beti

आज बेटी किसी की बहू

हिंदी कविता

आज बेटी किसी की बहू गीत – उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट दर्द को जो समझते नहीं हैं कभी, बेटियों से किसी की करें हाय छल।क्यों बहू को यहाँ नौकरानी समझ, जुल्म ढाने लगे लोग हैं आजकल।। आज बेटी किसी की बने जब बहू, क्यों समझते नहीं लोग मजबूरियाँ।बढ़ रही खूब हिंसा घरेलू यहाँ, प्यार के नाम

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mother their kids

माँ पर कविता हिंदी में

समाज और यथार्थ

यहाँ माँ पर कविता हिंदी में लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ मुझको गर्भ में ले ले हे ! माँ मुझको गर्भ में ले ले,बाहर मुझको डर लागे।देह-लुटेरे ,

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विश्व पृथ्वी दिवस / देवेन्द्र चरन खरे आलोक

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

विश्व पृथ्वी दिवस / देवेन्द्र चरन खरे आलोक पृथ्वी हमें पैदा करती है।भूख उदर की भी हरती है।।जो कुछ भी उत्पन्न हुआ है।सब इसकी ही रही दुआ है।। गोदी में हम सब खेले हैं।खुशियों के लगते मेले हैं।।जल जंगल पर्वत मालाएँ।गीत इसी के मधुरिम गाएँ।। सबको शिक्षा भी देती है। यह परिवर्तन की  प्रेरक भी।पुण्य पाप

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महान जननायक / अकिल खान.

समाज और यथार्थ

महान जननायक / अकिल खान 14 अप्रैल सन1891में जन्म लिए,जननायक.नाम था भीमराव,कर्म से कह लाए महानायक।बचपन में,विद्यालय के बाहर अर्जित किए ज्ञान, मजलूमो का जब विलुप्त हो चुका था,पहचान। बालपन से मन में यह महान कार्य,ठान लिए,समाज सुधार कार्य को,अपने संज्ञान में लिए। न पूछो कैसे थे दिन? कैसी थी उनकी कहानी, भेदभाव के चलते,मुश्किल

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श्रीरामनवमी पर कविता

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

श्रीरामनवमी पर कविता: चैत्र मास के शुल्क पक्ष की नवमी तिथि के दिन ही सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु ने धरती पर श्री राम के रूप में जन्म लिया था। राम लला के जन्म की पवित्र बेला को ही राम नवमी के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान विष्णु अयोध्या के राजा दशरथ

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13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते,काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से,वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं अथवा झुलसे। परिमल-हीन पराग दाग सा बना पड़ा है,हा! यह प्यारा बाग खून से सना पड़ा है। ओ, प्रिय ऋतुराज! किन्तु

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