दोहे करते बात – बाबू लाल शर्मा
समाज और यथार्थमानव,परिवार,देश,धर्म,समाज,रानीति एवं विविध वैश्विक पहलुओं, व समस्याओं पर आधारित दोहे
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मानव,परिवार,देश,धर्म,समाज,रानीति एवं विविध वैश्विक पहलुओं, व समस्याओं पर आधारित दोहे
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गीता ग्रंथ में उल्लेखित महत्वपूर्ण बातों को आधार मानकर लिखी गई कविता
गीता ग्रंथ है पवित्र पावन- मनीभाई नवरत्न Read More »
मुझे समझा रही थी वो बहुत मासूम लहजे में, बड़े नाज़ुक तरीके सेमेरे गालों पे रखके हाथ समझाया था उसने येसुनो इक बात मानोगे,अगर मुझसे है तुमको प्यार,तो इक एहसान कर देनाजो मुश्किल है,मेरी ख़ातिर उसे आसान कर देना…अब इसके बाद दोबारा मुझे न याद आना तुमअगर ये हो सके तो जान मुझको भूल जाना
नज़्म – मुझे समझा रही थी वो Read More »
नारी पर दोहे ★★★★नारी की यशगान हो ,नारी की ही रूप ।नारी के सहयोग से,मिलते लक्ष्य अनुप।। नारी बिन कब पूर्ण है?एक सुखी परिवार।नारी जो सुरभित रहे, सुखी रहे संसार।। जग में जो करता नहीं , नारी का सम्मान।कहलाये वह क्यो मनुज ,वह है पशु समान।।★★★★★★★★★★★★★रचनाकार – डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर”
नारी पर दोहे- डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर” Read More »
वर्तमान परिस्थितियों में कवियों की सम्मान के प्रति अति मोह पर व्यंग्य करती कविता
मर गया कवि सम्मान के चक्कर में – मनीभाई नवरत्न Read More »
प्रेम आधारित छोटी सी कहानी
अंजलि और प्रताप की लव स्टोरी- मनीभाई नवरत्न Read More »
मनीभाई नवरत्न की अपने मित्र अंकित भोई अद्वितीय से साक्षात्कार
मनीभाई की अद्वितीय चर्चा – साक्षात्कार विधा Read More »
बचपन को आधार मानकर लिखी गई मनीभाई नवरत्न की तांका आप के समक्ष प्रस्तुत
अल्हड़ बचपन -मनीभाई नवरत्न (तांका विधा) Read More »