12 मई नर्स दिवस पर विशेष कविता
नारी जीवन और संवेदना12 मई नर्स दिवस पर विशेष कविता मौत की दहलीज में ,जब कोई हो पड़े-पड़े।खून से लथपथ ,अंग भंग हो के सड़े-सड़े ।अपने तक तरस खाते,देख दूर खड़े-खड़े ।तब एक महिला ,पस-दुर्गंधों से लड़े-लड़े।अस्पताल में महत्वपूर्ण है इसकी भूमिका ।“सिस्टर”कहते सब जिसे,वो है परिचारिका। बीमारी की पहचान में डॉक्टर करता काम।पर निदान प्रक्रिया में नर्स
12 मई नर्स दिवस पर विशेष कविता Read More »




