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पालीथिन खतरे-बाबू लाल शर्मा “बौहरा” ( Babulal sharma)

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.          *पालीथिन खतरे*

1.
सरकारी   चेतावनी, सुनलो  देकर   ध्यान।
पाँलीथिन  तौबा  करो, धरा  बचा  इंसान।।
2..
बोरे   से   कट्टे   भये , थैले   चिल्ली   होय।
मानव  इतना  क्यों गिरे, पालीथिन संजोय।।
3..
कपड़े   के   थैले  भले, रखो  साज  सामान।
पाँलीथिन की थैलियाँ, स्वास्थ्य बिगाड़े मान।।
4..
पालीथिन प्रचलन बढ़ा, फैल रहा घर द्वार।
धरती  सागर  गउ  नदी, पर्यावरण बिगार।।
5..
पशुधन भी बीमार हो, पाँलीथिन जो  खाय।
रुकते  नाले  नालियाँ, कोई  नहीं   उपाय।।
6..
मानव पर्यावरण हित, अब पाँलीथिन रोक।
खेत कुएँ घर भर रहे, धरती  करती शोक।।
7..
शर्मा बाबू लाल  तो,  है  संकल्पित  आज।
पालीथिन को रोकिये, जागो सभी समाज।।
8..
ना,ना,बाबा, अब कहो, कर पाँलीथिन मुक्त।
मनुज  मीत  पर्यावरण, रह  प्राकत  संयुक्त।।

.          *कुण्डलिया* 

बढ़ता खतरा स्वास्थ्य का,पाँलीथिन उपयोग।

गाय  खेत  नदियाँ  मरे, मनुज कर्म  के भोग।
मनुज कर्म के भोग, पाँलिथिन अब दुतकारो।
थैला  कपड़ा  जूट, साथियों  फिर  सतकारो।
शर्मा   बाबू  लाल, निवेदन   सब   से  करता।
चेत सके तो  चेत, मनुज  नित खतरा बढ़ता।
✍©

बाबू लाल शर्मा “बौहरा”
सिकंदरा,दौसा, राज.

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