KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

महकती धरा को प्रदुषण से बचाना होगा (mahakati dhara ko pradushan se bachaana hoga)

  महकती धरा  को प्रदुषण से बचाना होगा


इस नवरात्रि में एक मुहीम चलाना होगा, 
महकती धरा को प्रदुषण से बचाना होगा!

भिन्न- भिन्न धर्म यहाँ, भिन्न- भिन्न मज़हब है, 
भिन्न- भिन्न प्रदुषण से इसे बचाना होगा!

सघनता आबादी है, उत्सव की वातावरण , 
ध्वनि  की अधिकता से इसे बचाना होगा!

धार्मिकता की धून में गूंजा है वातावरण, 
पानी पाउच झिल्लियों से इसे बचाना होगा !

सतह गिरता भू-जल का महत्व सब जाने, 
विरंजक रंजकों से जल बचाना होगा!

कृषिप्रधान देश है अर्थ व्यवस्था की जान, 
कीटनाशक दवाईयों से धरा बचाना होगा!

सुख-शांति अमन हो बिखरे भाईचारा, 
बोतल की नशा से परिवार बचाना होगा!

सोने की चिड़िया की चमक धुमिल न हो, 
शुद्ध जल वायु के लिए  एक पेड़ लगाना होगा!

भयवाह समस्या है, अब समझ जा ईंसान, 
कोई देव दूत न आयेगा खूद को जगाना होगा !

दूजराम साहू “दास “

निवास -भरदाकला 

तहसील- खैरागढ़ 

जिला -राजनांदगांव (छ.ग.) 

8085334535