हल्दीघाटी एकलिंग दीवान…
समाज और यथार्थहल्दीघाटी एकलिंग दीवान बाबूलालशर्मा *विज्ञ* मन करता है गीत लिखूँ मैं,एक लिंग दीवाने पर।मातृ भूमि के रक्षक राणा,मेवाड़ी परवाने पर।।✍१चित्रांगद का दुर्ग लिखूँ जब,मौर्यवंश नि: सार हुआ।मेदपाट की पावन भू पर,बप्पा का अवतार हुआ।कीर्ति वंश बप्पा रावल के,मेवाड़ी पैमाने पर।मन करता है गीत लिखूँ मैं,एक लिंग दीवाने पर।।✍२अंश वंश बप्पा रावल का ,सदियों प्रीत रीति […]
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