KAVITA BAHAR
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मेरे गीत अमर कर दो…मनीभाई नवरत्न

मनीभाई नवरत्न की प्रेम आधारित गीत में से एक

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मेरे गीत!….
मेरे गीत अमर कर दो…
मेरे मीत….
मेरे मीत अमर कर दो ….
मेरे प्रीत…..

कब से दिल ..बेचैन है
कब से ये बेताब है ….
मेरे हर सवाल का तू …
इक हसीं जवाब है ।

तुझे चाहा करूं मैं नित…
मेरे मीत…
मेरे मीत अमर कर दो ….
मेरे प्रीत।

मेरे प्रीत अमर कर दो ….
मेरे गीत—-

कोई ना मेरा… तेरे बिना
तेरे सहारे …अब है जीना
मेरे सफर में..तू मंजिल
तेरा साथ छुटे कभी ना।

तुम संग उमर, जाये रे बीत।
मेरे मीत…
मेरे मीत अमर कर दो ….
मेरे प्रीत।
मेरे प्रीत अमर कर दो ….
मेरे गीत—-

जुड़ गये हैं …..प्रेम के धागे
हम ना रहे ….कोई अभागे
तेरी वफा के दीवाने हैं….
जाने कब…… नसीब जागे
इस प्यार में है हार..है जीत
मेरे मीत…
मेरे मीत अमर कर दो ….
मेरे प्रीत।
मेरे प्रीत अमर कर दो ….
मेरे गीत—-

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