अधिकांश ‘शास्त्र’ केवल पुराने ग्रंथ हैं
हिंदी कविताअधिकांश ‘शास्त्र’ केवल पुराने ग्रंथ हैं(Most ‘Scriptures’ Are Just Old Books)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, दृष्टान्तयुक्त, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जो समय से बँधा है,वह बदलेगा—और जो बदले,उस पर टिकनाकैसे संभव है? सच्ची आध्यात्मिकताउसकी खोज करती हैजो नहीं बदलता—क्योंकिकेवल वहीभरोसेमंद है। वेश बदले,रीतियाँ बदलीं,देवताओं के नाम बदले,कथाएँ बदलीं—हर सदी नेअपने रंग चढ़ाए। तो क्यायही सत्य था? अगर सत्यपोशाक में
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