मनीभाई नवरत्न

यह काव्य रचना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लाक क्षेत्र के मनीभाई नवरत्न द्वारा रचित है। अभी आप कई ब्लॉग पर लेखन कर रहे हैं। आप कविता बहार के संस्थापक और संचालक भी है । अभी आप कविता बहार पब्लिकेशन में संपादन और पृष्ठीय साजसज्जा का दायित्व भी निभा रहे हैं । हाइकु मञ्जूषा, हाइकु की सुगंध ,छत्तीसगढ़ सम्पूर्ण दर्शन , चारू चिन्मय चोका आदि पुस्तकों में रचना प्रकाशित हो चुकी हैं।

manibhai Navratna

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू

समाज और यथार्थ

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू 13/07/2017, 14:42:17: मनी भाई: आदरणीय बालकदास ‘निर्मोही ‘ जीनमस्कार ,कैसे है आप ? आशा है कि आप सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:07: बालकदास ‘निर्मोही’ जी: सादर नमस्कार सर, मैं सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी सकुशल होंगे। 13/07/2017, 14:44:49: मनी भाई: जी बिल्कुल सर 13/07/2017, 14:44:59:

साक्षात्कार :  निर्मोही जी से व्हाट्सएप गुफ्तगू Read More »

manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न की गीत

हिंदी कविता,

मनीभाई नवरत्न की गीत आंखों से दूर हो दिल से दूर नहीं आंखों से दूर हो, दिल से दूर नहीं ।।तुम बुला लो फिर ,हम हो जाएंगे हाजिर।। मन तड़पता है तेरी यादों में,होश मेरा जब खोता है।चैन ढूंढता है यह किताबों में ,सारा जग जब सोता है।इसी आस पर बेचैनी मिटे,तुम मशहूर हो मजबूर

मनीभाई नवरत्न की गीत Read More »

manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न के दोहे

नारी जीवन और संवेदना

मनीभाई नवरत्न के दोहे 1)मित सुख दे भ्राता- पिता , सपूत भी सुख दे मित।सुखी होती  वो नारी ,   जो सुख दे पति नित।।2)धन संचय कर ना साधु ,धन का नहि होती ठौर।आज इसके पास है ,कल हो जाए किसी और।।3)धन की महिमा है बड़ी, धन से ही विपदा टरे।धन नहीं आज तेरे संग ,कल

मनीभाई नवरत्न के दोहे Read More »

हाइकु

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10

समाज और यथार्थ

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10 1मानवाधिकारजब जग ने जानाराष्ट्र संयुक्त। 2वैश्विक तापसंकट में है राष्ट्रसुधरो आप। 3विश्व की शांतिपृथ्वी की सुरक्षाआतंक मिटा। 4अस्त्र की होड़विकास या विनाशअंधे की दौड़। 5भारत आयारंग भेद खिलाफसंसार जागा। 6चुनौती देतापर्यावरण रक्षाहे राष्ट्र!जुड़ो। 7 “मैं” और “तुम”खींच गई लकीरचलो “हम” हों।8 अस्त्र होती हैहिंसा की प्रतिमूर्तिलेती हैं शांति। 9

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 10 Read More »

manibhai Navratna

सायली -मनीभाई’नवरत्न’

प्रकृति और पर्यावरण

सायली -मनीभाई’नवरत्न’ चलचित्रसारा आकाशविविध रूप लियेमैं निहारताअपलक।•••••••••••••••••••••••समयबेलगाम साबीत रहा बेपरवाहछोटी होतीजिंदगी।•••••••••••••••••••••••मजदूरजग निर्माताकलयुग का विश्वकर्माकैसा देवता?अभागा।•••••••••••••••••••••••मानवप्रकृति रक्षकभक्षक बन रहालालची बनविडंबना।•••••••••••••••••••••••✒️ मनीभाई’नवरत्न’•••••••••••••••••••••••

सायली -मनीभाई’नवरत्न’ Read More »

manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न के गीत

समाज और यथार्थ,

मनीभाई नवरत्न के गीत ओ मतवाले अपनी जिंदगी को मौत से मिला ले ।ओ मतवाले ओ दिलवाले।खुद को कर दे देश के हवाले ।ओ मतवाले ओ दिल वाले ।। ये मिट्टी हमारी जन्नत है ।ये मिट्टी हमारी दौलत है ।ये खुशहाल रहे, ये मालामाल रहेयही हमारी मन्नत है । इस मिट्टी पर हम अपना शीश

मनीभाई नवरत्न के गीत Read More »

manibhai Navratna

मनीभाई नवरत्न के सेदोका

प्रकृति और पर्यावरण

मनीभाई नवरत्न के सेदोका सेदोका – पंछी की दिशा पंछी की दिशाबता रही है सदाहोने को महानिशा। लौट आओ रेघर से जाने वालोंमंजिल बुला रही।  🖊मनीभाई नवरत्न समुद्री हवा समुद्री हवाएक होके बूंदों सेबारिश की तीरों सेबरस रहीमदमस्त गिरि कोधीरे से घिस रही।  🖊मनीभाई नवरत्न जूते बिखरे हुएकई अकेले जूतेहमसफ़र ढूँढे।पुछता नहींकोई हाल उनकीसाथी न हो

मनीभाई नवरत्न के सेदोका Read More »

स्काउट जम्बुरी गीत

समाज और यथार्थ

स्काउट जम्बुरी गीत यह गीत स्काउट गाइड और जम्बूरी के महत्व और मूल्यों को दर्शाता है। यहां इस गीत को आगे बढ़ाते हुए प्रस्तुत है: जम्बूरी गीत सबसे अपना गहरा नाता है,सबसे अपनी है प्रीति।आओ एक दूजे को मान दें,समझें सबकी संस्कृति। स्काउट गाइड सिखाताअनुशासन का पाठ,चलो हिलमिल जाएं हम सबमिटाके आपस की दूरी। जम्बूरी…

स्काउट जम्बुरी गीत Read More »

manibhai Navratna

सबसे बड़ा प्रैंकर: मनीभाई नवरत्न

मन और भावनाएँ,

सबसे बड़ा प्रैंकर : मनीभाई नवरत्न ये जो छूटती हैहंसी की झरने लबों से ।हो सकती है स्वास्थ्यवर्धक ,पर नहीं कह सकतेये फूटी होगी प्राकृतिक । पर इसमें दोष नहीं है ,अवतरण जो हुआ तेराऐसे भयानक कृत्रिम जग में। कभी-कभी सोचता हूँझूठा नहीं था प्लेटो।जो कहता था ये दुनिया मिथ्या है,उससे भी बनावटी यहाँ के

सबसे बड़ा प्रैंकर: मनीभाई नवरत्न Read More »

Scroll to Top