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@माघ शुक्ल पंचमी बसंत पंचमी पर हिंदी कविता

बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। आज ही के दिन से भारत में वसंत ऋतु का आरम्भ होता है। इस दिन सरस्वती पूजा भी की जाती है। बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय के बाद और दिन के मध्य भाग से पहले की जाती है। इस समय को पूर्वाह्न भी कहा जाता है।

सार छंद विधान -ऋतु बसंत लाई पछुआई

सार छंद विधान -ऋतु बसंत लाई पछुआई सार छंद विधान- (१६,१२ मात्राएँ), चरणांत मे गुरु गुरु, ( २२,२११,११२,या ११११)ऋतु बसंत लाई पछुआई,बीत रही शीतलता।पतझड़ आए कुहुके,कोयल,विरहा मानस जलता।नव कोंपल नवकली खिली है,भृंगों का आकर्षण।तितली मधु मक्खी रस चूषक,करते पुष्प समर्पण।बिना देह के कामदेव जग,रति को ढूँढ रहा है।रति खोजे निर्मलमनपति को,मन व्यापार बहा…
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मकर से ऋतुराज बसंत (दोहा छंद)-बाबू लाल शर्मा

मकर से ऋतुराज बसंत (दोहा छंद)-बाबू लाल शर्मा सूरज जाए मकर में, तिल तिल बढ़ती धूप।फसले सधवा नारि का, बढ़ता रूप स्वरूप।।.पशुधन कीट पतंग भी, नवजीवन मम देश।वन्य जीव पौधे सभी, कली खिले परिवेश।।.तितली भँवरे मोर पिक, करते हैं मनुहार।ऋतु बसंत के आगमन, स्वागत करते द्वार।।.मानस बदले वसन ज्यों, द्रुम दल बदले पात।ऋतु राजा जल्दी करो, बिगड़ी सुधरे बात।।.शीत…
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सभी विद्या की खान है माता

सभी विद्या की खान है माता सभी विद्या, सुधी गुण की,अकेली खान है माता।इन्हे हम सरस्वती कहते,यही सब ज्ञान की दाता।इन्हे तो देव भी पूजें,पड़े जब काम कुछ उनका-सदा श्रद्धा रहे जिसमे,इन्हे वह भक्त है भाता। सदा माँ स्वेत वस्त्रों मे,गले मे पुष्प माला है।लिए पुस्तक तथा वीणा,वहीं पर हाथ माला है।स्वयं अभ्यास रत दिखतीं,यही संदेश है सबको ---सही अभ्यास से…
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आया रे आया बसंत आया

आया रे आया बसंत आया आया रे आया बसंत आयाआया रे आया बसंत आया।पेड़-पौधों के लिये खुशहाली लेकर आया।।आया रे आया बसंत आया। चारों तरफ छायी है खुशियाली।पेडो़ पर आयी है नयी हरियाली।।आया रे आया बसंत आया। आने वाली है रंगो की होली।बसंत की खुशी में पशु-पक्षी डोल रहे हैं डाली-डाली।।आया रे आया बसंत आया। बसंत की खुशी में पौधों पर नये फूल आ रहे…
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माघ शुक्ल बसंत पंचमी पर कविता

माघ शुक्ल बसंत पंचमी पर कविता माघ शुक्ल की पंचमी,भी है पर्व पुनीत।सरस्वती आराधना,की है जग में रीति।। यह बसंत की पंचमी,दिखलाती है राह।विद्या, गुण कुछ भी नया,सीखें यदि हो चाह।। रचना, इस संसार की,ब्रह्मा जी बिन राग।किये और माँ शक्ति ने,हुई स्वयं पचभाग।। राधा, पद्मा, सरसुती,दुर्गा बनकर मात।सरस्वती वागेश्वरी,हुईं जगत विख्यात।। सभी शक्ति…
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आया बसंत- कविता चौहान

आया बसंत आया बसंत आया बसंत, आया बसंतछाई जग में शोभा अनंत।चारों ओर हरियाली छाईजब बसंत ऋतु है आई।रंग बिरंगे फूल खिलाएखेतों पर सरसों लहराए।फूलों पर भोरे मंडराएजब बसंत ऋतु है आए। सूरज की लाली सबको भाए।देख बसंत, शाखाएं लहराए।देख नीला आसमा मन हर्षाए।जब बसंत अपना रंग बिखराए। अलसी की शोभा निराली।कोयल कूके डाली डाली।देखो कैसी मस्ती है छाई।आई,…
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प्रणय मिलन कविता-सखि वसंत में तो आ जाते

प्रणय मिलन कविता-सखि वसंत में तो आ जाते- डॉ सुशील शर्मा सखि बसंत में तो आ जाते।विरह जनित मन को समझाते। दूर देश में पिया विराजे, प्रीत मलय क्यों मन में साजे, आर्द्र नयन टक टक पथ देखें काश दरस…
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ऋतुओं का राजा होता ऋतुराज बसंत

ऋतुओं का राजा होता ऋतुराज बसंत ऋतुओं का राजा इस दुनिया में तीन मौसम है सर्दी गर्मी और बरसात।इनमें आते ऋतुएं छह ,चलो करते हैं हम इनकी बात।सभी ऋतुओं का राजा होता , ऋतुराज बसंत।चारों ओर हरियाली फैलाता, चित्त को देता आनंद।।फरवरी कभी मार्च से होता है तुम्हारा आगमन।खेतों में सरसों के फूल , झूमते हैं होकर मस्त मगन।पूरे साल में केवल बसंत में खिलते…
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