दर्द पर दोहे- मदन सिंह शेखावत ढोढसर

दर्द पर दोहे

दर्द किसी को दे नही ,हे  जग  के करतार।
दर्द देखा जाय नही ,किससे करू पुकार ।।1

दीन दुखी सब खुश हो, पीड़ा किसे न आय।
सब जनता खुश हाल हो, विपदा नही सताय।।2

होती  मन  मे  वेदना,दर्द  दुखी  कर  जाय ।
विपदा आफत टाल कर,सब की करे सहाय ।।3

दर्द  किसी  को  दे नही,लौटे  से  पछताय ।
जैसा को तैसा मिले, दर्द  दगा  दे   जाय।।4

दर्द किसी का मेट कर,मन  प्रसन्न  हो  जाय ।
नेक काम का नेक फल,फिर से वापस आय।।5

मदन सिंह शेखावत ढोढसर

इस रचना को शेयर करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top